
नाम- चारू तिवारी
जन्म- अल्मोडा जनपद के द्वाराहाट विकास खंड के ग्राम मनेला में 1966 को
शिक्षा- एम.ए., एल.एल.बी, पुस्तकालय विज्ञान में स्नातक, पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा
सार्वजनिक जीवन-
*1975 में बहुत छोटी उम्र में आपातकाल के जुल्मों को समझना और बाद में समझ होने पर समाजवादी विचारधारा से प्रेरित
*1979 में डा. डी डी पंत, जसवन्त बिष्ट और विपिन त्रिपाठी से प्रभावित होकर समाजवादी साहित्य का अध्ययन और एक राजनीतिक समझ बनाने की ओर अग्रसर
*1982 में 12 वीं कक्षा में पढ्ते हुए नशा नहीं रोजगार दो आंदोलन मे शामिल
*1986 से उत्तराखण्ड क्रान्ति दल में सक्रिय भागीदारी
*1987 में राज्य आंदोलन के लिए दिल्ली रैली में शामिल
*1987 से 88 तक उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान 24, 36, 48 और 72 घंटे के बंद तथा कुमाऊं और गढवाल कमिश्नरियों के घेराव में सक्रिय भूमिका
*1989 में वन अधिनियम के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय भूमिका
*30 अगस्त, 1988 को श्रीनगर गढ़वाल में उत्तराखण्ड स्टूडेंट फेडरेशन के संस्थापक सदस्यों में से एक
*1987 से राज्य आन्दोलन में सक्रिय रूप से भागीदारी
*1994 में आन्दोलन को वैचारिक दिशा देने और उसे प्रवास में फैलाने वालों में से एक
*कुमाऊं इंजीनियरिंग कालेज के लिये आंदोलन सहित क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर हुये विभिन्न आन्दोलनों में भागीदारी
*विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक, युवाओं और महिलाओं से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन और उनमें सक्रिय भागीदारी
*1991 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सर्वश्रेष्ठ युवा का विवेकानन्द पुरस्कार
लेखन और पत्रकारिता
*आन्दोलनों में सक्रिय रहते हुये पत्रकारिता में प्रवेश
*1988 में अमर उजाला से शुरूआत, दैनिक उत्तर उजाला, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, संडे पोस्ट आदि में काम, विभिन्न राष्ट्रीय और स्थानीय समाचार पत्र पत्रिकाओं में पिछले डेढ दशक से सतत लेखन
*राज्य आन्दोलन के दौरान शैल स्वर के नाम से एक आन्दोलन का दस्तावेज़ तैयार किया, शैल स्वर समाचार पत्र का एक साल तक संपादन
*उदघोष नाम से राज्य आन्दोलन का दस्तावेज, विपिन त्रिपाठी के जीवन और कार्य पर एक पुस्तक का प्रकाशन, ’हमरि विरासत’ के नाम से बागेश्वर पर केन्द्रित स्मारिका का प्रकाशन
*वन आन्दोलन और श्रीदेव सुमन पर पुस्तक प्रकाशनाधीन
*मानवाधिकारों पर केन्द्रित पत्रिका कॉम्बैट लॉ में सहायक संपादक रहे।
संप्रति
* दिल्ली में रहकर पत्रकारिता, वर्तमान में पाक्षिक पत्रिका “जनपक्ष आजकल” के कार्यकारी संपादक
Great to see you here Charu Bhai
regards,
JP
uttrakhand ki parampraon,yahan ki lok sanskriti or lok jivan ke prachaar-prasaar main agrniy aapka yh sarthak pryash, meri shubhkaamnayen or samarthan sadev aapkey saath hai,
jay uttrakhand……………………………
regard
P.S.Bhakuni (Paanu)
(pbhakuni.blogspot.com/Buransh (Ek Prateek)
Dear Mr.Tiwari,
Great to see your contribution to our loving Uttarakhand….All the best for your coming days…
Please tell me where i can go through your complete write up on issues related to Uttarakhand…coz here I am unable to find the complete document…only few line are here ….please suggest!!!
Regards..
You really are a source of inspiration for today’s youth !!
Keep it up,
Yours one of the fan reader