4 responses to “अमर शहीद बाबा मोहन उत्तराखण्डी”

  1. घिंघारु

    बाबा जी को शत-शत नमन। कुछ अजीब सा लगता है, ऐसे विकट साहसी आन्दोलनकारियों के सम्मान के लिये सरकार कुछ नहीं करती। आज अगर आप प्रदेश के संस्कृति या सूचना विभाग में चले जाइये, बाबा मोहन उत्तराखण्डी के बारे में कुछ सूचना या चित्र मिल जाये तो मूछें मुंडवा लूंगा।
    सरकार बाबा के नाम पर एक स्मारक भी नहीं बना सकती? इस सरकार पर उसे बिठाने में बाबा का कितना योगदान है, १२ में से २ मंत्री भी नहीं जानते होंगे। शर्त है।
    प्रदेश के पैसे से चलने वाली योजनाओं का नामकरण करते समय इन्हें एक धर्म विशेष के चरमपंथियों की फौज खड़े करने वाले व्यक्ति का तो नाम याद आता है। लेकिन अपने त्याग, समर्पण और बलिदान से इन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा देने वाला बाबा मोहन उत्तराखण्डी नहीं।

  2. Raj, Pithoragadiya

    Baba Mohan Uttarakhandi jee ko sat-sat NAMAN.

    Thanks to Charu Tiwari jee for this article.

  3. mohan

    dear friends i have to need one photo graph of baba mohan uttarakhandi its very urgent plzz ..

  4. तीरथ सिंह राही

    बाबा,उत्तराखंडी कों याद कर के मन भर जाता है,और सब याद आ जाता है जब बाबाजी ए़क निरउद्देश्य जीवन जी रहे थे हम गिने-चुनें लोग जिला पौडी में राज्य आन्दोलन में सक्रिय थे,मेरा गोऊँ और बाबाजी का आस-पास था ओ ए़क परधान हो गये थे मैं बाबाजी से उम्र में छोटा था लेकिन ओ काफी प्यार करते थे मेंरे कहे से हमारे साथ आंदोलनों में सक्रिय हो गये और अंतिम साँस तक रहे,,,,,सत्यंदरनेगी,परधान बंतोली,दीपकपोकारियल अद्यक्स छात्रसंग पौडी ने ११ जनबरी १९७७ कों डंडादेबी[देबी-धार] में आमरण अनशन पर बिठा दिया आगे———तो सब आप जानते है——दुख इस बात का है जो समान बाबाजी को मिलाना चाहिए था ओ नहीं मिल पाया है ————————-

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