One response to “हम वास्तव में इतने बदल गये हैं…..!”

  1. घिंघारु

    यक्ष प्रश्न उपस्थित किया है, आपने। उत्तर देने में भी हिचकिचाहट हो रही है, क्योंकि इन बदलावों के जिम्मेदार भी हम ही कहीं न कहीं हैं। अगर कोई राजनेता हमें चुनावों में शराब पिलाता है और नोट बांटता है तो हम भी उतने ही जिम्मेदार हो जाते हैं, जितना कि बांटने वाला और हम उससे यह खैरात लेकर, उसके हाथों में बिककर उसे और भ्रष्टाचार के लिये उकसाते है।

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